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nishchhal

Monday, March 15, 2010

खिलते रहो

Posted by Bhawna at 5:24 AM No comments:

Wednesday, March 10, 2010

आने में उजास, जाने में भी रंग है.......... सूरज तेरी हर एक किरन में उमंग है।





Posted by Bhawna at 7:56 AM 2 comments:

Tuesday, March 9, 2010

रास्ते भर इकट्ठा किए बादल,मदमस्त, अल्हड़, चंचल........





Posted by Bhawna at 10:31 AM 1 comment:
Posted by Bhawna at 10:27 AM No comments:

Sunday, November 8, 2009

अब क्या है?



Posted by Bhawna at 8:04 PM No comments:

धूप चढ़ी चल उठ चल



Posted by Bhawna at 7:51 PM No comments:

Friday, November 6, 2009

Solace


Posted by Bhawna at 4:55 AM No comments:
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निश्छल, निर्भय, निर्मल......
छू गए हृदय को
कुछ पल,
सरस, सरल।

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About Me

Bhawna
Faridabad,, Haryana, India
अपनी बहुत सी कल्पनाओं के साथ साथ जिंदगी को हर रूप में सराहा है, कुछ पाया, कुछ गंवाया है और बस यूं ही चलता रहा है जिंदगी का सफर। कभी अनुभूतियां, तो कभी दर्द पिघल आता है... शब्द बन बरस जाता है। फिर भी चलते हैं.... कभी तलाशते हैं सुकूं भीतर कभी बाहर, निश्चल निःशब्द चीज़ों में जो बिन शब्दों के बहुत कुछ कह जाती हैं, बालों में उंगलियां फिरा हवा सी गुज़र जाती हैं...
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